After not getting the ticket, RCP Singh said a big thing, Lalan Singh also broke the silence

टिकट न मिलने के बाद आरसीपी सिंह ने कही बड़ी बात, ललन सिंह ने भी तोड़ी चुप्पी

बिहार: जनता दल यूनाइटेड ने आखिरकार अपने पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को तीसरी बार राज्यसभा का टिकट न देकर अप्रत्याशित फैसला लिया है। इसके बाद आरसीपी सिंह और ललन सिंह का बयान सामने आया है।

बिहार राजनीति: बिहार की राजनीति गलियारों से रविवार को एक बहुत बड़ी खबर निकल कर आई। जैसा कि पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह को तीसरी बार राज्यसभा चुनाव 2022 के लिए टिकट नहीं दिया। आरसीपी अब राज्यसभा की सदस्य नहीं रहेंगे। पूरे मुद्दे को लेकर आरसीपी सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कम शब्दों में अपनी बात रखी, दूसरी ओर जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने भी उन्हें लेकर बाते कही है।

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पहली बार आरसीपी पर बात की है ललन सिंह ने

पिछले 15 दिनों में ललन सिंह से कई बार आरसीपी सिंह के बारे में पूछा गया होगा, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कभी खुलकर बात नहीं की। आरसीपी सिंह का टिकट कटने के बाद जदयू अध्यक्ष ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जदयू दो बार आरसीपी को राज्यसभा भेज चुकी है। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें पूर्व में भी पार्टी द्वारा बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। हालांकि, उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में आरसीपी सिंह के भविष्य पर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेना है।

आरसीपी सिंह के बयान पर सबकी निगाहें थीं

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इस पूरे मामले पर सबकी नजर आरसीपी सिंह के बयान पर थी। राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद जब आरसीपी सिंह से उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सहज ही कहा कि इस विषय पर उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। पार्टी ने वही किया जो उसे सही लगा। आपको बता दें कि जदयू की ओर से बैठक कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए अधिकृत किया गया था। बता दें कि सोमवार दोपहर आरसीपी सिंह ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वह जदयू में संगठन की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ उनका रिश्ता 25 साल से भी ज्यादा पुराना है। दोनों के बीच कोई नाराजगी नहीं है। नीतीश कुमार ने सोच-समझकर फैसला लिया होगा।

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एक मास्टर स्ट्रोक से किए गए सारे कयास

बिहार में आरसीपी सिंह को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। ऐसी भी चर्चा थी कि अगर जद (यू) आरसीपी को उम्मीदवार बनाती है, तो भाजपा उनके लिए राज्यसभा की एक सीट छोड़ सकती है। हालांकि, ऐसा हुआ नही। दोनों पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा के लिए आखिरी मिनट तक इंतजार किया। भाजपा द्वारा दोनों सीटों के लिए उम्मीदवार के नाम की घोषणा के बाद जदयू की ओर से स्पष्ट किया गया कि पार्टी की ओर से इस बार आरसीपी सिंह की जगह झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष खिरू महतो को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाएगा।